Rajasthan Land revenue knowledge By- Narayan suthar
नमस्कार,
जैसा कि आपको ज्ञात है भारत कृषि प्रधान देश है, देश के बडे भू-भाग पर कृषि की जाती है। देश मे अलग-अलग राज्यो मे कृषि भूमि के संबंध मे अलग-अलग कानून प्रचलित है। राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बडा राज्य है तथा यहाँ की जनसंख्या का बहुत बडा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। राजस्थान में भूमि संबंधि व्यवस्था के लिए मुख्यतः दो कानून प्रचलित है- 1. राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955, 2. राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 इनमे भूमि एवं इससे संबंधित क्रिया-कलापो के बारे मे विस्तृत व्यवस्था की गई है। आईये जानते है दोनो मे क्या है?
1- राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 मे सिर्फ कृषि भूमि एवं काश्तकारो के अधिकार व हित से संबंधित प्रावधान है।
2- राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 मे समस्त प्रकार की भूमि संबंधि मामलो, राजस्व ईकाईयो के गठन, राजस्व न्यायालयो व अधिकारियो/कर्मचारियो की नियुक्ति, उनके कर्तव्यो व अधिकारो, भूमि संबंधित अभिलेखो व नक्शो की तैयारी, उनके रख-रखाव व संधारण तथा लगान निर्धारण व वसूली से संबंधित प्रावधान है।
मेरे द्वारा राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 व राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की जानकारी सरल भाषा मे आप तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। आशा करता हूँ कि आपको उक्त दोनो अधिनियम समझने मे आसानी रहेगी ।
